गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग तेज, पांढुर्णा में सौंपा गया ज्ञापन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
गौ सम्मान अभियान के तहत आज पांढुर्णा तहसील कार्यालय में हिंदुवादी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए देश के सर्वोच्च पदों तक अपनी मांग पहुंचाई गई। कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति एवं माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और उनकी सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की।
इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर गौ-संरक्षण के समर्थन में आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का विशेष महत्व है और उसे केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी संरक्षण मिलना चाहिए।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से दो अहम मांगें रखी गईं—
पहली, गौमाता को आधिकारिक रूप से ‘राष्ट्रमाता’ घोषित किया जाए, जिससे देशभर में उनके प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना और मजबूत हो सके।
दूसरी, पूरे देश में गौ-वंश की हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए एक समान और सख्त केंद्रीय कानून लागू किया जाए, ताकि अलग-अलग राज्यों में मौजूद कानूनों की असमानता समाप्त हो सके।
अभियान से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि गौ-वंश की सुरक्षा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए केंद्र सरकार को इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने आशा व्यक्त की कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और गौ-संरक्षण के लिए जल्द ही सशक्त नीति लागू की जाएगी।